भोपाल संस्कृत विद्यालय में विद्यार्थियों से किया संवाद, सलामी गारद का भी किया निरीक्षण

भिलाई ।भारतीय ज्ञान परम्परा के सन्दर्भ में संस्कृति-संस्कृत विशेषज्ञ एवं लेखक आचार्य डॉ. महेश चन्द्र शर्मा ने हाल ही में भोपाल का दौरा किया। यहां मध्यप्रदेश शासन के महर्षि पतंजलि संस्कृत विद्या मंडल, संस्कृतभवनम् द्वारा संचालित शासकीय आदर्श रेजिडेंशियल गर्ल्स इंस्टीट्यूट फॉर संस्कृतम् अर्थात् गार्गी विद्यालय भोपाल में उनका आत्मीय अभिनंदन किया गया। विद्यालय की प्राचार्या स्नेहा सालोडकर एवं युवा शिक्षक अनुपम शुक्ल ने उनका सम्मान किया। डॉ.शर्मा ने इस दौरान सशस्त्र बल की सलामी गारद का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि आज जब पूरी दुनिया में गीता और नाट्यशास्त्र को यूनेस्को द्वारा मेमोरी ऑफ़ वर्ल्ड बनाये जाने की धूम है ,तब यहां के तपस्वी शिक्षकों और छात्राओं जैसे संस्कृत के प्रति समर्पित असंख्य व्यक्तियों और संस्थाओं की ओर हमारा ध्यान जाता है। नारी शक्ति का सम्मान और पंच कन्याओं के प्रति पूज्य भावना भी शायद ऐसी ही मातृशक्ति की देन है। डॉ. शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश के 42 जिलों की 333 बच्चियां यहां संस्कृत माध्यम पढ़ाई कर रही हैं रही हैं और संस्कृत और संस्कृति को अपने आचरण में ढाल रहीं हैं। कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाओं में अध्ययनरत इन बच्चियों को न केवल भोजनावास नि: शुल्क है, साथ ही स्मार्ट क्लास, पुस्तकें, पुस्तकालय, स्टीम लैब, एन.सी.सी., रायफल शूटिंग और रेंज आदि की भी नि: शुल्क सुविधाएं हैं। बालिकाओं की चौमुखी उन्नति हो रही है। सुदूर ग्रामीण, जनजाति और पिछड़े क्षेत्र की कन्याओं को सुसंस्कृत और सुशिक्षित किया जा रहा है। संस्कृत में आधुनिक विषय भी पढ़ाये जाते हैं। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के बाद मेरिट लिस्ट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। ऐसी अनेक संस्थाओं के कारण आज गीता और नाट्यशास्त्र के माध्यम से हमारा प्रिय भारत राष्ट्र विश्व स्तर पर सम्मानित है। इस दौरान उन्होंने संस्कृत संस्था की सराहना की और प्रवीणता प्राप्त छात्राओं को पुरस्कृत कर आशीर्वाद दिये।

भोपाल संस्कृत विद्यालय में विद्यार्थियों से किया संवाद, सलामी गारद का भी किया निरीक्षण
भिलाई ।भारतीय ज्ञान परम्परा के सन्दर्भ में संस्कृति-संस्कृत विशेषज्ञ एवं लेखक आचार्य डॉ. महेश चन्द्र शर्मा ने हाल ही में भोपाल का दौरा किया। यहां मध्यप्रदेश शासन के महर्षि पतंजलि संस्कृत विद्या मंडल, संस्कृतभवनम् द्वारा संचालित शासकीय आदर्श रेजिडेंशियल गर्ल्स इंस्टीट्यूट फॉर संस्कृतम् अर्थात् गार्गी विद्यालय भोपाल में उनका आत्मीय अभिनंदन किया गया। विद्यालय की प्राचार्या स्नेहा सालोडकर एवं युवा शिक्षक अनुपम शुक्ल ने उनका सम्मान किया। डॉ.शर्मा ने इस दौरान सशस्त्र बल की सलामी गारद का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि आज जब पूरी दुनिया में गीता और नाट्यशास्त्र को यूनेस्को द्वारा मेमोरी ऑफ़ वर्ल्ड बनाये जाने की धूम है ,तब यहां के तपस्वी शिक्षकों और छात्राओं जैसे संस्कृत के प्रति समर्पित असंख्य व्यक्तियों और संस्थाओं की ओर हमारा ध्यान जाता है। नारी शक्ति का सम्मान और पंच कन्याओं के प्रति पूज्य भावना भी शायद ऐसी ही मातृशक्ति की देन है। डॉ. शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश के 42 जिलों की 333 बच्चियां यहां संस्कृत माध्यम पढ़ाई कर रही हैं रही हैं और संस्कृत और संस्कृति को अपने आचरण में ढाल रहीं हैं। कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाओं में अध्ययनरत इन बच्चियों को न केवल भोजनावास नि: शुल्क है, साथ ही स्मार्ट क्लास, पुस्तकें, पुस्तकालय, स्टीम लैब, एन.सी.सी., रायफल शूटिंग और रेंज आदि की भी नि: शुल्क सुविधाएं हैं। बालिकाओं की चौमुखी उन्नति हो रही है। सुदूर ग्रामीण, जनजाति और पिछड़े क्षेत्र की कन्याओं को सुसंस्कृत और सुशिक्षित किया जा रहा है। संस्कृत में आधुनिक विषय भी पढ़ाये जाते हैं। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के बाद मेरिट लिस्ट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। ऐसी अनेक संस्थाओं के कारण आज गीता और नाट्यशास्त्र के माध्यम से हमारा प्रिय भारत राष्ट्र विश्व स्तर पर सम्मानित है। इस दौरान उन्होंने संस्कृत संस्था की सराहना की और प्रवीणता प्राप्त छात्राओं को पुरस्कृत कर आशीर्वाद दिये।